घर में भटक रही रूह, मांग रही है जान…….कैसे किया 18 लाख का ‘खेल’, जानें यहां

 रमेश सोलंकी. आसिफाबाद. हम कितने ही मार्डन हो जाएं लेकिन अंधविश्वास हमारा पीछा नहीं छोड़ता है। पढ़े-लिखे होने के बावजूद हम धोखा खा ही जाते हैं और नतीजा होता है – ठगी। ऐसा ही एक मामला यहां सामने आया है जिसमें घर में गढ़ा धन निकालने के नाम पर 18 लाख रू. ठग लिए गए। हालांकि बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने गुत्थी सुलझा ली और तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी विदर्भ के यवतमाल निवासी हैं।

क्या है मामला

आरोपी वडसकर पंजाब राव उर्फ नाशिक महाराज , चौहान प्रकाश उर्फ गजानंद महाराज, बाबर बीकाजी उर्फ राज इन तीनों ने मिलकर आसिफाबाद जिला वाकडी मंडल जनगांव ग्राम के रहने वाले चट्टारी कमलाकर के परिवार को निशाना बनाया। पंजाब राव नाशिक महाराज  कमलाकर के घर के दरवाजे के भीख मांगने आया। उसने कमलाकर को बताया कि तुम्हारे घर में धन गढ़ा हुआ है। ये सुनकर कमलाकर भौंचक्का रह गया।

महाराज ने उससे कहा कि इस गढ़े हुए  धन को निकालने के लिए पूजा -पाठ करना पड़ेगा । कुछ रुपए भी खर्च करने होंगे। कमलाकर और उसका परिवार राजी हो गया। महाराज ने कहा कि पूजा पाठ के लिए ₹15000 का खर्च लगेगा और यह धन नाशिक में रहने वाले एक गुरुजी निकालकर देंगे। कमलाकर ने उसे ₹15000 दे दिए। 

घर में भटक रही रूह, मांग रही है जान…….कैसे किया 18 लाख का ‘खेल’, जानें यहां

इसके बाद उसने कमलाकर से कहा कि और पूजा सामग्री की जरूरत पड़ेगी। पूजा सामग्री चंद्रपुर से लानी पड़ेगी।कमलाकर ने उसे सामग्री लाने  ₹42000 दे दिए। ठगों ने कमलाकर के घर में जाकर पूजा की।

इस दौरान उन्होंने  पहले से ही घर के अंदर तांबे का छोटा घड़ा में कुछ नकली आभूषण डालकर उसे गाढ़ दिया था।  पूजा-पाठ करने के बाद खुदाई की गई। तब कमलाकर ने देखा कि गड्ढे के अंदर आभूषण से भरा घड़ा है। थोड़ी देर बाद उन्होंने कमलाकर से कहा कि गड्ढे के अंदर और एक बार हाथ लगाइए तब कमलाकर को लगा कि यहां परात  जैसी कोई वस्तु  है। 

ऐसे दिखाया डर

 ठगों ने कहा कि इसके नीचे और  धन है और इसे निकालने के लिए और एक बार और पूजा करनी पड़ेगी। अगर पूजा नहीं की तो आपके परिवार में से किसी की भी एक की जान जाने की संभावना है।

 गजानंद महाराज ने कुछ दिनों के बाद उनको फोन करके बताया कि आपके घर में शैतानी आत्मा थी जिसके कारण हमारे महाराज खून की उल्टियां कर रहे हैं और उन्हें और अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसलिए आप सभी आपके फोन में से हमारे नंबर  डिलीट कर दीजिए। महाराज की जान बचाने के नाम पर उसने कमलाकर के पास से ₹536000 वसूल कर लिए। 

फिर कुछ दिनों के बाद उन्होंने फोन करके कमलाकर से कहा कि गजानन महाराज मर गए हैं और मरने के बाद वह आप लोगों के परिवार में से किसी एक की जान मांग रहे हैं। अगर आपके परिवार में से किसी को बचाना है तो उसके लिए दवाई लाने के लिए कुछ रुपए खर्च होंगे तब कमलाकर के परिवार वालों ने डरकर ₹880000 उनको दे दिए। 

उन्होंने फिर से फोन करके कमलाकर को कहा कि दवाई कम पड़ रही है इसके लिए और रुपए की जरूरत है तब उन्होंने कमलाकर के पास से ₹108000 की दवाई और मंगवाई। और इसके बाद उन्होंने कहा कि गुरूजी आपके घर में किसी एक की जान मांग रहे हैं अगर आपको घर के परिवार में से किसी की जान बचानी है तो उसके लिए और रुपए खर्च करने होंगे। तब कमलाकर ने कहा कि हमारे पास ₹1 भी नहीं है। आपने हमसे एक- एक करके 18 लाख रुपए वसूल कर लिए हैं। 

आत्महत्या की थी तैयारी

कमलाकर के परिवार वालों ने डर के मारे आत्महत्या करने की ठान ली।पर इससे पहले उन्होंने पड़ोसी युवक से आपबीती बताने का फैसला किया। युवक ने घटनास्थल पर पहुंचकर वहां से गड्ढे में घड़े को  बाहर निकाला और उसके नीचे में और खुदाई करके देखा तो कमलाकर द्वारा दी गई परात उसके नीचे थी।

  कमलाकर के परिवार वालों ने वांकिड़ी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वांकिडी एसआई डीकोंडा रमेश ने अपनी टीम के साथ इन धानी एक्स रोड के पास से इन तीनों ठगों को गिरफ्तार किया। इन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस अवसर  पर  जिला एडमिन एएसपी अच्छेश्वर राव, डीएसपी श्रीनिवास, वाकडी सीआई सुधाकर आदि उपस्थित थे।

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